क्वाड और इंडो-पेसीफिक रणनीति के संदर्भ में हिन्द महासागर में भारत की सामरिक भूमिका
Keywords:
हिन्द महासागर क्षेत्र, भू-राजनीतिक स्थिति, सामरिक स्थिरता, क्षेत्रीय सुरक्षा ।Abstract
हिन्द महासागर क्षेत्र की भूमिका क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सामरिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ से लगभग 80 प्रतिशत विश्व व्यापार गुजरता है। इसकी भू-राजनीतिक महत्ता इसे वैश्विक शक्तियों के संघर्ष का केंद्र बनाती है। भारत की ऐतिहासिक उपस्थिति और भू-राजनीतिक स्थिति के कारण, उसने क्वाड जैसे बहुक्षेत्रीय साझेदारी का गठन किया है। यह गठबंधन उदारवादी लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं, जो नई तकनीकों, सैन्य सहयोग और रणनीतिक भागीदारी के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देता है। भारत की भूमिका हिन्द महासागर में सामरिक स्थिति को मजबूत करते हुए दक्षिणी एशिया में संतुलन बनाए रखने की है। इंडो-पैसिफिक रणनीति से हिन्द महासागर की प्रभावशीलता बढ़ती है, जिससे आर्थिक और सुरक्षा हितों का समन्वय संभव होता है। हालाँकि, सुरक्षा चुनौतियाँ जैसे समुद्री डकैती और घुसपैठ सतर्कता की मांग करती हैं। इनका सामना करने के लिए नीति प्रस्ताव और व्यावहारिक उपाय आवश्यक हैं। इस प्रकार, भारत का सामरिक समाकलन आर्थिक, सुरक्षा और स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करता है।