शिक्षक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग की संभावनाएं और चुनौतियाँ

Authors

  • डॉ. तारकेश्वर स्वरूप मणि असिस्टेंट प्रोफेसर, संजीवनी महाविद्यालय, किर्तानपुर, बहराइच (उ.प्र.) Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/tvsjiir.v1i1.04

Keywords:

शिक्षक शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षण, समावेशन, तकनीक शिक्षण ।

Abstract

शिक्षक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग से अनेक सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। यह शिक्षकों को प्रभावी और व्यक्तिगत उपागम अपनाने में मदद करती है, जिससे सीखना अधिक अनुकूल बनता है। AI टूल्स शिक्षा सामग्री का स्वचालित निर्माण, पाठ्यक्रम योजनाओं का अनुकूलन, और छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इससे शिक्षकों का समयबद्धता बढ़ती है, और मूल्यांकन में सुधार होता है। AI के माध्यम से छात्रों का मूल्यांकन डेटा संचालित और त्वरित होता है, जिससे व्यक्तिगत कमजोरियों का पता लगाना आसान होता है। AI शिक्षण में समावेशन और विविधता को भी बढ़ावा दे सकती है। हालांकि, नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा और पूर्वाग्रह जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं। सही नीति और दिशा-निर्देश स्थापित करना आवश्यक है, ताकि AI के उपयोग से शिक्षण गुणवत्ता में सुधार हो सके।

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Published

2026-04-20

Issue

Section

Articles

How to Cite

शिक्षक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग की संभावनाएं और चुनौतियाँ. (2026). THE VISIONARY SPECTRUM JOURNAL OF INNOVATION AND INTERDISCIPLINARY RESEARCH, 1(01), 24-32. https://doi.org/10.64880/tvsjiir.v1i1.04